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Articles tagged with: शशि सागर

साहित्य-सिनेमा-जीवन »

[15 Apr 2011 | 6 Comments | ]
ज़िंदगी की तलाश में ये कहां आ गए हम?

बिहार के रहने वाले हैं पत्रकार साथी शशि सागर। पटना-दिल्ली की यात्राओं में उन्होंने रिश्तों की खूब खींचतान देखी है और आगे बढ़ने की चाह में सबकुछ गंवाते लोगों को भी। कैसी है ये उठापटक, यहीं बता रहे हैं वह। `सागर किनारे’ शशि का चर्चित ब्लॉग है, जहां आप उनकी और भी रचनाएं पढ़ सकते हैं :
 
सामंजस्य बिठाना भी एक कला है. ज़िंदगी में कई ऎसे मोड़ आते हैं, जब इंसान सामंजस्य और समझौते में फर्क करना भूल जाता है. भागमभाग की इस जीवनशैली में हम सेल्फकंसंट्रेटेड होते चले जाते …

यादें »

[5 Apr 2011 | 3 Comments | ]
डुमरी है मोरा गांव…

बिहार बदल रहा है। सुशासन बाबू के शासन ने वहां तरक्की दी है, ऐसा मीडिया वाले मानते हैं और बिहार के रहने वाले अपने यार-दोस्त भी, ऐसे ही समय में हमारे पत्रकार साथी शशि सागर कुछ दिनों के लिए गांव लौटे, उन्होंने कैसा पाया गांव, यहीं बता रहे हैं वह। `सागर किनारे’ शशि का चर्चित ब्लॉग है, जहां आप उनकी और भी रचनाएं पढ़ सकते हैं :
 
[dc]रा[/dc]त के करीब आठ बज रहे होंगे. हमारी ट्रेन बेगूसराय स्टेशन पर रुकी. भारतीय परंपरा निभाते हुए ट्रेन अपने नियत समय से मात्र दो …