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`समिति में वे आएं, जो भ्रष्ट ना हों’

8 April 2011 No Comment

आशीष कुमार अंशु

अन्ना हजारे के अनशन और लोकपाल बिल को लेकर चर्चा खूब है। जितने लोग अन्ना को दूसरा गांधी कहने वाले हैं, उससे कुछ कम हैं, पर ऐसे भी लोग हैं, जो अन्ना के समर्थन में खड़े पूंजीपतियों, एनजीओ, सिने-राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता पर सवाल उठा रहे हैं। इसी तरह उनकी संख्या भी कम नहीं है, जो अन्ना की किसी ढकी-छुपी `महत्वाकांक्षा?’ की तरफ इशारा कर रहे हैं। कुछ पत्रकारों ने यह भी सुझाना शुरू कर दिया है कि अन्ना को ये करना चाहिए और ये नहीं। मैं अन्ना के इस स्टैंड का बिना किसी तार्किक आधार पर समर्थन करता हूं, क्योंकि उन्होंने कम से कम जड़ होते जा रहे समय में उद्वेलित किया है, लेकिन बात निकली है, तो दूर तलक जाएगी, की अवधारणा को मानते हुए चौराहा के लोकतांत्रिक स्वरूप को बरकरार रखने की कोशिश के तहत हर पक्ष को यहां अवसर दिया जाना है। अपने प्रिय मित्र हैं आशीष कुमार अंशु। चर्चित घुमक्कड़ युवा पत्रकार अंशु के जी-मेल पर इन दिनों स्टेटस है–

यह सुनी-सुनाई बात हजारों साल पुरानी है। अन्ना नाम के एक संत ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक यज्ञ किया। यज्ञ से प्रसन्न होकर राजा ने कहा समिति में हम तुम्हारे आधे लोग रखने को राजी हैं, लेकिन जो समिति में आएं वह खुद भ्रष्ट ना हो। यदि वह भ्रष्ट निकला तो जलकर भष्म हो जाएगा। इसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी इन पंक्तियों के लेखक के पास नहीं है ….

अंशु ने एक टिप्पणी भेजी भी है। उनकी चिंता जायज है और सवाल ऐसे हैं, जिन पर बात होनी ही चाहिए…टिप्पणी यहां देखिए :

वास्तविक सफलता संदिग्ध होगी! यदि अन्ना का आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ है तो खबर का सौदा करने वाले अखबार और चैनल दोनों को  कायदे से अन्ना के खिलाफ होना चाहिए। यदि वास्तव में यह आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ है,  तो देश के उद्योगपतियों और धनबलियों को इस आंदोलन के खिलाफ होना चाहिए, यदि वास्तव में यह आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ है तो जिन एनजीओ के खुद के अकाउंट दुरुस्त ना हों, जिन एनजीओ में हिसाब किताब को लेकर पारदर्शिता ना बरती जाती हो,
उन सबको इस आंदोलन से डरना चाहिए, यदि आंदोलन भ्रष्टाचार के खिलाफ है तो विकास के पैसों के कमीशन से अपना धन जोड़ने वाले नेताओं को इससे दूर रहना चाहिए। क्या ऐसा हो रहा है, यदि नहीं तो आंदोलन कागजी सफलता पा ले, लेकिन उसकी वास्तविक सफलता संदिग्ध होगी।

अंशु की इस टिप्पणी के साथ अन्ना-अनशन के मौके की कुछ तस्वीरें, लाल सिंह के कैमरे से…


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