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हितेश भारद्वाज: एक उभरता कवि!

6 February 2017 No Comment

मुम्बई : कविता करना बस लफ़्ज़ों को एक साथ पिरोने की कला का नाम नहीं है, बल्कि यह आपकी भावनाओं और एहसासों को ज़ाहिर करना भी होता है। और ज़िन्दगी पर आनेवाले ‘अगर तुम साथ हो’ के मुख्य कलाकार हितेश भारद्वाज इस हुनर में महारत हासिल कर रहे हैं। हितेश को अपने ख़ाली समय में कविताएं लिखना पसंद है और वे अपने इस शौक़ को पूरी शिद्दत के साथ पूरा करते हैं। इस प्रतिभावान अदाकार को कविता का शौक़ तब से ही था, जब वे 15 साल के थे। अपने स्कूल के दिनों में, उन्हें गुरु दत्त और बलराज सहानी की पुरानी फिल्में देखना पसंद था। उसी दौरान उन्होंने फ़िल्म रेनकोट देखी और उन्हें गुलज़ार की कविता ʼकिसी मौसम का झोंका था जो इस दीवार पे लटकी हुई तस्वीर तिरछी कर गया हैʼ बेहद पसंद आइ। तभी से उन्होंने कविता को सराहना और समझना शुरू किया। वे गुलज़ार साहब की कविता के पक्के दीवाने हैं और एक बार उनसे मिलने की चाह रखते हैं। हितेश ने तक़रीबन ४० कविताएं लिखी हैं और ज़िन्दगी के लम्हों को दर्शाने वाली कवितांए लिखना पसंद करते हैं।

इत्तिफ़ाक़न छोटे पर्दे का उनका क़िरदार भी कविताओं का शौक़ीन है, इसीलिए उन्हें अपने क़िरदार को समझने में आसानी हुई। उनकी एक कविता को उनके दिखाए जा रहे शो ‘अगर तुम साथ हो’ के एक सीन में इस्तेमाल भी किया गया था। हुआ यूँ कि एक सीन की शूटिंग के दौरान एक्टर और पोएट हितेश भारद्वाज को एक कविता बोलनी थी। हालांकि लेखक द्वारा दी गई कविता याद करने में बहुत मुश्किल हो रही थी और उसे समझने में दर्शकों को दिक्कत हो सकती थी, इसलिए निर्देशक ने कविता को बदलने का फ़ैसला किया। तब हितेश के अंदर का कवि ऐसे मौके पर जाग उठा। उन्होंने सुझाव दिया कि वे उस सीन के लिए एक आसान सी कविता लिखने की कोशिश करेंगे। कुछ ही मिनटों में, हितेश ने एक कविता लिख डाली और निर्देशक को वह पसंद आ गई। उस कविता को सिर्फ उस सीन में ही नहीं बल्कि प्रोमो में भी इस्तेमाल किया गया।

कविता लिखने के अपने शौक़ के बारे में बताते हुए, हितेश भारद्वाज उर्फ़ `अगर तुम साथ हो’ के रवि ने कहा, “मुझे हर तरह की कविताएं पसंद हैं। चाहे वो रोमांटिक हों या दर्द भरी हों। मैं ज़िन्दगी और लोगों के तज़ुर्बे से प्रेरित कविताएं पसंद करता हूं। मैं गुलज़ार साहब का बहुत बड़ा फैन हूं और उनसे एक बार मिलना चाहूंगा, क्योंकि वे मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रहे हैं। कविता से मुझे एक अदाकार के तौर पर अपने डायलॉग बोलने में भी मदद मिली है। उस वक़्त मैं बहुत खुश था जब निर्देशक ने उस सीन में मेरी कविता को इस्तेमाल करना मंज़ूर किया।”

`अगर तुम साथ हो’ दिल्ली की एक अमीर लड़की, नीमा (ऋतू बरमेचा) के सफ़र पर आधारित है, जो अपने पिता की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ एक मामूली से, मध्यवर्गीय लड़के, रवि (हितेश भारद्वाज) से शादी कर लेती है। शादी के बाद अपनी ज़िन्दगी में वो कैसे अपने दखलअंदाज़ पिता से निपटती है, यह सीरियल इसी बात को दर्शाता है।

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