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अफजल गुरु के बेटे पर आधारित नहीं है ग़ालिब

30 January 2017 No Comment

फिल्म की कहानी इन्स्पायर्ड है… : धीरज मिश्र

अब तक तारीफ ही मिली,  पहली बार भला-बुरा सुन रहा…
मुंबई डेस्क। फिल्म लेखक धीरज मिश्र लगातार तीन देशभक्ति फ़िल्में लिखकर नए भारत कुमार के रूप में उभरे हैं। उनकी फिल्म मैं खुदीराम बोस हूँ दुनियाँ भर में फेस्टिवल में घुमने के बाद अगले वर्ष रिलीज होगी और अब वो नयी फिल्म की पटकथा रचने में जुट गए हैं, जिसका नाम है – “ग़ालिब ‘।

ये पूछने पर कि क्या यह मिर्जा ग़ालिब के जीवन पर आधारित है, धीरज ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि आप जानते ही हैं – ग़ालिब को अफजल गुरु के बेटे की ज़िंदगी पर आधारित फिल्म बताया जा रहा है, जबकि ये मेरी पिछली ऐतिहासिक फिल्मों से अलग, ये मेरी पहली फिल्म है, जो आज के समय पर आधारित है। मिर्जा ग़ालिब से तो खैर, इसका दूर-दूर तक कनेक्शन नहीं है।

धीरज बताते हैं – पिछले कुछ वर्षों से कश्मीर एक संवेदनशील मुद्दा रहा है और कई निर्माता वहां के बैकग्राउंड पर आधारित फिल्में बना चुके हैं। एक कलाकार के रूप में मैं भी कश्मीर की ज़िंदगी से प्रभावित होता रहा हूं। एक दिन अखबार पढ़ते हुए पता चला कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के बेटे ने दसवीं की परीक्षा में टॉप किया है। इस खबर ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि जब घर और सूबे के हालात बद से बदतर हों, तब कौन-सी चीज आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।

धीरज ने बताया
कि रिसर्च के दौरान, खोजबीन करते हुए मैं अफजल के परिजनों से भी मिला और कहानी को स्क्रिप्ट का रूप दिया। मुझे भी संदेह था कि कुछ लोग आलोचना करेंगे, पर साथ ही विश्वास भी है कि ऐसी कहानियां समाज को आगे ले कर जाती हैं। बतौर फिल्ममेकर,  घटनाओं से आप उदासीन नहीं हो सकते। खासकर सकारात्मक घटनाओं से। ग़ालिब की कहानी उन हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा ले कर आएगी, जो मुख्य धारा से अलग हो रहे हैं।

धीरज ने हैरत
और अफसोस के साथ कहा कि इस विषय पर फिल्म बनाने की जैसे ही मैंने घोषणा की, सोशल मीडिया पर भला –बुरा लिखने वालों की बाढ़ आ गई। मेरे लिए ये थोड़ी नयी बात है, क्योंकि अब तक देशभक्ति फिल्मों की वजह से मुझे प्रशंसा मिली है। मैं हर किसी को जवाब तो नहीं दे सकता, सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि फिल्म देखने के बाद ही अपनी प्रतिक्रिया दें। ग़ालिब की विषय – वस्तु भले कश्मीर हो लेकिन यह पूरे समाज का आईना है। आशा है लोगो को फिल्म पसंद आएगी।
  • निखिल पिटाले स्टारर `ग़ालिब’ अफजल गुरु की ज़िंदगी पर आधारित नहीं है, बल्कि उसके बेटे के सफल होने की घटना से प्रेरित भर है। इसे किसी आतंकवादी के महिमामंडन से जोड़ना पूरी तरह गलत है… धीरज मिश्र

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