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कहानी अच्छी हो तो फ़िल्म ज़रूर चलेगी : अंकुश भट्ट

22 January 2013 No Comment

दैनिक भास्कर के फ़िल्म सप्लिमेंट `नवरंग’ में प्रकाशित

दस्तक

`भिंडी बाज़ार’ जैसी प्रायोगिक और चर्चित फ़िल्म निर्देशित करने के बाद अंकुश भट्ट नई मूवी `मुंबई मिरर’ के साथ दर्शकों के सामने हाज़िर हो रहे हैं। अंकुश की यह फ़िल्म मुंबई शहर के अंधेरे पहलू, एक एड़ा (`सनकी’) पुलिस इंस्पेक्टर, बार डांसर और टेलीविजन पत्रकार के किरदारों के बीच घूमती है। `मुंबई मिरर’ का प्रमोशन करने फिल्म की स्टारकास्ट के साथ जयपुर आए अंकुश से हमने बातचीत की :

कहां तो `भिंडी बाज़ार’ जैसी एक्सिपेरिमेंटल फ़िल्म और कहां अब `मुंबई मिरर’ – जिसमें सारे पॉपुलर फॉर्मूले हैं – कला से व्यावसायिक सिनेमा तक की यह यात्रा आपने कैसे तय की?

ऐसा नहीं है कि `भिंडी बाज़ार’ की कहानी कहने के लिए मेरे मन में जो प्रतिबद्धता थी, वह खत्म हो गई है। हां, यह बात सही है कि `मुंबई मिरर’ में `कॉप’ का फॉर्मूला लिया गया है, उसे `राउडी राठौर’ और `दबंग’ जैसी फ़िल्मों की तरह ही थोड़ा गुस्सैल भी पोट्रे किया गया है, लेकिन मेरी फ़िल्म का नायक इस मायने में अलग है कि वह किसी भी औरत का अपमान बर्दाश्त नहीं करता। वह तुरंत इंसाफ़ करने में यकीन रखता है, इसलिए कई बार कानून के दायरे से बाहर चले जाने में भी गुरेज नहीं करता। जहां तक व्यावसायिक सिनेमा बनाने की बात है तो मेरा उद्देश्य सिर्फ इतना है कि दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर सकूं और उनके लिए स्क्रीन पर एक संदेश छोड़ सकूं। आगे उनकी मर्जी कि वे उसे कैसे एक्सेप्ट करें। मुंबई मिरर में भी यह काम किया गया है।

`मुंबई मिरर’ के ज्यादातर कलाकार नए हैं। बॉक्स ऑफिस पर कलेक्शन के लिहाज से यह कदम रिस्की नहीं है?

कहानी अच्छी होगी तो फ़िल्म ज़रूर चलेगी। अब वह वक्त नहीं रह गया कि दर्शक सिर्फ स्टार कास्ट में शामिल बड़े चेहरों के नाम पर सिनेमाघरों तक जाएं। गिहाना खान ने बार डांसर का रोल किया है। पहली ही फ़िल्म में उन्होंने बेजोड़ अदाकारी की है। उनके अलावा, प्रकाश राज, प्रशांत नारायण, आदित्य पंचोली और महेश मांजरेकर जैसे अनुभवी कलाकार भी मुख्य भूमिकाओं में नज़र आएंगे।

सचिन जोशी को मेन लीड में लेने की वज़ह कहीं यह तो नहीं कि फ़िल्म की प्रोड्यूसर उनकी पत्नी रैना जोशी हैं?

सचिन जोशी अब फ़िल्म के नायक हैं, लेकिन वे पहले अभिनय नहीं कर रहे थे। `मुंबई मिरर’ की स्क्रिप्ट को लेकर मेरी और रैना की बातचीत काफी अरसे से हो रही थी। डिस्कशन के दौरान हमें लगा कि इस रोल के लिए वे राइट च्वाइस हो सकते हैं और फ़िल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान इंडस्ट्री के दिग्गजों ने यह बात मानी भी है कि सचिन ने अपना किरदार अच्छी तरह निभाया है। वैसे भी, उन्होंने पिछले साल फ़िल्म ‘अजान’ से एक्टिंग करियर शुरू किया था और ‘मुंबई मिरर’ उनकी दूसरी फ़िल्म है। फ़िल्म की स्क्रिप्ट के लिहाज से मुझे नए और फ्रेश चेहरों की ही डिमांड थी।

फ़िल्म में आपने बार डांसर का अहम किरदार भी शामिल किया है। इसी थीम पर पहले चांदनी बार जैसी फ़िल्म भी बन चुकी है। आपने नया क्या किया है?

मैं सिर्फ अपनी फ़िल्म की बात बता रहा हूं कि `मुंबई मिरर’ डांस बार, ड्रग्स, अपराध जगत और पुलिस के नेक्सस की कहानी बयां करती है और इसमें डांस बार का किरदार अहम जरूर है, लेकिन कहानी में और भी परतें हैं। फ़िल्म की कहानी एक पुलिस अधिकारी की ज़िंदगी की उथल-पुथल के इर्द-गिर्द घूमती है। मुझे यकीन है कि वाइकिंग मीडिया एंड एंटरटेनमेंट प्रा. लि. की यह फ़िल्म साबित कर देगी – पॉपुलर सिनेमा मनोरंजन के साथ ज़रूरी बातें जोरदार तरीके से कह सकता है।

– चण्डीदत्त शुक्ल

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