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सपना हुआ पूरा – पंकज चतुर्वेदी

30 October 2012 No Comment

कहते हैं कि खुली आँखों से देखे हुए सपने अक्सर पूरे हो जाते हैं ऐसा ही एक सपना पूरा होने जा रहा है गायक पंकज चतुर्वेदी का. जो की बचपन से ही गीत-संगीत के शौक़ीन रहे हैं. पंकज सन १९९५ में ए बी सी एल की स्टार ट्रेक टेलेंट हंट प्रतियोगिता के विजयी रहे व स्कूल-कालेज में भी संगीत की कई प्रतियोगिताये जीती. रिच ग्राविस कंपनी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सी ई ओ पंकज दस साल तक बस्किन रोब्बिन्स के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स में भी शामिल रह चुके हैं. पंकज का पहला एलबम ‘आवाज़ दिल से’ ‘इटरनल ड्रीम्स’ म्यूजिक कंपनी से जल्दी ही रिलीज़ होने जा रहा है. इनके इस एलबम ‘आवाज़ दिल से’ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक दसक के लम्बे अंतराल के बाद संगीतकार प्यारेलाल फिर से अपने संगीत का जादू फैलाने जा रहे हैं. पिछले दिनों पंकज से बात-चीत हुई प्रस्तुत हैं कुछ अंश —-

· प्यारेलाल जी से कैसे मिलना हुआ ?

मैं उनके गीतों का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ. एक बार मेरा उनसे मिलना हुआ तो मैंने उनसे हिम्मत करके कहा कि सर मैं आपके साथ काम करना चाहता हूँ फिर मैंने उन्हें एक गीत की कुछ लाइनें सुनायी. सुनकर प्यारे लाल जी ने कहा ठीक है हम साथ में काम करेगें. यह सुनकर मुझे इतनी ख़ुशी हुई कि मैं बता नही सकता उतनी ख़ुशी मुझे ए बी सी एल की स्टार ट्रेक टेलेंट हंट प्रतियोगिता जीत कर भी नही हुई थी.

· अपने एलबम के बारे में बताइए ?

मेरा यह एलबम ‘आवाज़ दिल से ‘इटरनल ड्रीम्स’ म्यूजिक कंपनी से रिलीज़ होने जा रहा है इसमें ६ गीत हैं, गीतकार हैं समीर और सभी गीतों की धुनें बनाई हैं हम सबके प्यारे प्यारेलाल जी ने. एक गाना ‘माँ’ का है इस गीत के माध्यम से मैंने अपनी माँ को श्रध्दांजलि दी है इसके अलावा एक रोमांटिक नंबर है, कुछ रीमिक्स गीत भी हैं.

· ’आवाज़ दिल से’ ही नाम क्यों रखा एलबम का?

यह नाम प्यारेलाल जी ने रखा है उन्होंने कहा कि जो आवाज़ दिल से निकलती है वो सीधे दिल को छूती है. इसलिए यह नाम बिलकुल ही ठीक है दिल से गाओ और दिल तक पहुँचाओ.

· प्यारेलाल जी के साथ काम करना कैसा रहा?

बहुत ही अच्छा एक सपने के पूरा होने जैसा रहा उनके साथ काम करना.

· ‘आवाज़ दिल से’ में आपने दिल से गीतों को तो गाया ही है लेकिन और क्या ख़ास बात है कि श्रोता इसे सुनें?

सबसे ख़ास बात तो यह है ही कि इतने सालों के बाद श्रोता प्यारेलाल जी का संगीत सुनेगे. इसके अलावा बहुत सालों के बाद हमने लाइव आर्केस्ट्रा के साथ रिकार्डिंग की है, साथ ‘मैं शायर तो नही” गीत को हमने १०० लोगों के साथ कोरस में भी गाया है. एक नहीं कई सारी नयी बातें जुडी हैं इस एलबम से.

· क्या हम उम्मीद कर सकते हैं कि इस एलबम के बाद हम आपको प्लेबैक सिंगर के रूप में सुनेगें?

यही उम्मीद मैं भी करता हूँ कि मेरा यह एलबम लोगों को पसंद आये, वो इसे सराहे.

· किस बॉलीवुड हीरो के लिए गाना चाहते हैं?

मेरे और हम सबके चहेते अमित जी के लिए. उनके लिए कभी एक गीत गाऊं यही मेरी तमन्ना है बस.

· जैसा कि आज सभी जानते हैं एलबम के गीतों का विडियो बनाना बहुत ही जरुरी होता है, तो आपने भी किसी गीत का विडियो बनाया होगा?

हाँ हमने ‘माँ’ गीत का विडियो बनाया है जिसे निर्देशित किया है राजीव रुइआ ने, जिन्होंने ‘माय फ्रेंड गणेशा’ निर्देशित की थी.

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