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Articles Archive for April 2015

स्मृति-शेष, है कुछ खास...पहला पन्ना »

[16 Apr 2015 | Comments Off on `बीते वो दिन याद आए रे!’ | ]
`बीते वो दिन याद आए रे!’

दैनिक भास्कर के रसरंग में प्रकाशित। कॉपीराइट प्रोटेक्टेड।
याद गली से : शमशाद बेगम
बरसों-बरस शोहरत की बुलंदी देखी, कई साल गुमनाम रहीं, लेकिन कुछ तो बात है कि अपने जमाने की मशहूर सिंगर शमशाद बेगम के गले की खनक कभी पुरानी नहीं पड़ी। 1919 में अप्रैल की 14 तारीख को अमृतसर में पैदा हुईं और साल 2013 में 23 अप्रैल को 94 साल की शमशाद बेगम ने पवई (मुंबई) स्थित घर से अलविदा कह दिया। इसी आवाज़ के साथ-साथ यादों की गली में चलते हैं दो-चार कदम :
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– चण्डीदत्त शुक्ल
एक दिन …

है कुछ खास...पहला पन्ना »

[7 Apr 2015 | Comments Off on अब ताज चाहिए ! | ]
अब ताज चाहिए !

(दैनिक भास्कर में प्रकाशित)
-चण्डीदत्त शुक्ल
एक छोटे-से शहर की लड़की जब कामयाबी की लंबी छलांग लगाती है, तब उसे कंगना रनोट कहा जाता है! खिताब तो उन्हें कई मिल चुके हैं, कंगना को जरूरत टॉप हीरोइन के ताज की है!
चंद रोज पहले, कंगना रनोट को बर्थ डे के ठीक एक दिन बाद, 62वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के तहत बेस्ट एक्ट्रेस चुना गया। ये खिताब उन्हें “क्वीन’ में शानदार अदाकारी के लिए मिला है। कंगना की ज़िंदगी भाग-दौड़ से घिरी रही है। वे लड़कियों से भेदभाव के खिलाफ रही हैं। पिता से …