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Articles Archive for March 2013

संगीत-कला, है कुछ खास...पहला पन्ना »

[5 Mar 2013 | Comments Off on RE-POST # कभी तनहाइयों में `मुबारक’ याद आएंगी | ]
RE-POST # कभी तनहाइयों में `मुबारक’ याद आएंगी

मुबारक बेग़म की तबियत बहुत नासाज़ है। एक ज़माने में हज़ारों दिलों को दर्द और सुरों से भर देने वाली मुबारक़ का अब कोई हालचाल भी लेने वाला नहीं। साल भर से भी ज्यादा वक्त हुआ, जब दैनिक भास्कर के ज़रिए मैंने इस खूबसूरत गायिका की तंगहाली की तरफ लोगों का ध्यान खींचने की कोशिश की थी. आज वही आलेख रि-पोस्ट कर रहा हूं। कोई तो मदद करे मुबारक़ की!

– चण्डीदत्त शुक्ल
chandiduttshukla@gmail.com
महबूब के लबों ने चूमीं अंगुलियां। पलकें मीचीं, आंखों से छलके आंसू और थरथराने लगे …

यादें, स्मृति-शेष, है कुछ खास...पहला पन्ना »

[4 Mar 2013 | Comments Off on यह संस्मरण नहीं, वे अब भी हैं साथ ही कहीं | ]
यह संस्मरण नहीं, वे अब भी हैं साथ ही कहीं

– चण्डीदत्त शुक्ल
मेरे शहर का नाम गोंडा है। धुंध, धूल, हंसी, उदासी, ठंड नारेबाज़ी और सरोकार – हर मौसम, हर एहसास, अपनी पूरी बुलंदी पर। सुना है – एक-दो मॉल खुल गए हैं – देखा नहीं। सोचता हूं – दिल्ली-बंबई की तरह वहां कार्ड से पेमेंट होता होगा, बैरे को टिप दी जाती होगी या फिर पुराने वक्त के हिसाब से बारगेनिंग, यानी `थोड़ा और कम करो’ की कवायद जारी होगी? खैर, बयान यहां गोंडा का करना नहीं था, ये सब बताने की गरज बस इतनी थी कि मेरा शहर …