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Articles Archive for April 2011

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[29 Apr 2011 | Comments Off on साहब तोरी साहबजदिया मिटाए देबो न | ]
साहब तोरी साहबजदिया मिटाए देबो न

विश्‍व भोजपुरी सम्‍मेलन में भोजपुरी के सम्‍मान की मांग तेज
देवभूमि ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट के मुक्ताकाश मंच पर आयोजित विश्‍व भोजपुरी सम्‍मेलन का दसवां राष्‍ट्रीय अधिवेशन सफलता पूर्वक संपन्न हो गया। सम्‍मेलन का उद्घाटन वरिष्‍ठ भाजपा नेता श्री कलराज मिश्र ने किया। इस अवसर पर देश-विदेश से आए भोजपुरिया लोगों के साथ-साथ स्‍थानीय लोग भी भारी संख्‍या में उपस्थित थे।

कलराज मिश्र ने कहा कि भोजपुरी केवल भाषा ही नहीं, बल्कि एक संस्‍कृति है, यह रहन-सहन की एक पद्धति है। भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने के संबंध …

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[28 Apr 2011 | Comments Off on हथकरघा से सेल्युलाइड तक सफर via facebook! | ]
हथकरघा से सेल्युलाइड तक सफर via facebook!

 
 
हस्तशिल्प निर्यातक के तौर पर कपड़ा मंत्रालय से कई पुरस्कार प्राप्त कर चुके दिल्ली के राजेश जैन ने फिल्म निर्माता के तौर पर भी धमाकेदार पारी का आगाज़ कर दिया है। राजेश जैन ने जूही चावला, मनीषा कोइराला, राहुल बोस, नंदिता दास और संजय सूरी अभिनीत फिल्म ‘आई एम’ से बतौर सहनिर्माता अपनी नयी पारी शुरु की है। ‘माइ ब्रदर निखिल’ और ‘सॉरी भाई’ जैसी संवेदनशील फिल्मोंके निर्देशक ओनिर के निर्देशन में बनी ‘आई एम’ को लेकर राजेश खासे उत्साहित हैं। इस बात को उन्होंने फिल्म से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस …

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[28 Apr 2011 | 2 Comments | ]
india बनाम भारत बरास्ता हिंदुस्तान!

बहुत दिनों से भारत के नाम को लेकर हमारे इतिहास की किताबों में अजीब-अजीब बातें की जाती हैं और ये सब अंग्रेजों के बताए रास्ते पर ही हमें पढ़ाया गया है | भारत के कई नाम हैं, जैसे–जम्बूदीप,आर्यावर्त, भारत, हिन्दुस्तान और इंडिया | पहले दो को छोड़ के मैं बाक़ी  तीन के बारे में अपने विचार लिख रहा हूँ उम्मीद है क़ि आपको मेरे तर्क पसंद आएंगे…ये कहना है रवि वर्मा का। उनका एक दिलचस्प ई-मेल हम आपसे शेयर कर रहे हैं।
भारत : भारत का नाम राजा दुष्यन्त के पुत्र …

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[28 Apr 2011 | Comments Off on नील शेखर हाडा के नए कार्टून | ]
नील शेखर हाडा के नए कार्टून

नील शेखर हाडा के कार्टून चौराहा पर आप लगातार देखते रहे हैं। एक अंतराल के बाद उनके कुछ और समसामयिक व्यंग्य चित्र फिर पेश हैं। शेखर पैनी नज़र रखते हैं और उनके ब्रश स्ट्रोक्स सधे हैं। फिलहाल, जयपुर के एक अखबार में कार्टूनिस्ट नील शेखर हाडा ने अन्ना, चुनाव और कलमाडी समेत विभिन्न ताज़ातरीन बदलावों को कार्टून का विषय बनाया है

 

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[28 Apr 2011 | Comments Off on यथा राष्ट्र, तथा पुष्प | ]
यथा राष्ट्र, तथा पुष्प

मयंक सक्सेना चौराहा के सुपरिचित लेखक हैं। कविता, ख़बरें, अलमस्त ज़िंदगी, रतजगे और हर ख़राब चीज से तल्खी मयंक की शख्सियत की पहचान है। वे अच्छे व्यंग्यकार भी हैं, जो हास्य की चटनी के बिना सेटायर करना जानते हैं। मयंक का ही एक व्यंग्य : मॉडरेटर
 
अगर आप यह समझते हैं कि कमल भारत का राष्ट्रीय पुष्प इसलिए है कि यह हमारी सभ्यता और संस्कृति में गहरा पैठा है और हमारे लिए गर्व का विषय है तो आप गलत सड़क पर जा रहे हैं। राष्ट्रीय फूल चुनते समय गर्व और गरिमा …